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महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में किडनी तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, कर्ज से दबे किसानों को निशाना बनाता है गिरोह रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में किडनी
तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, कर्ज से दबे किसानों को निशाना बनाता है गिरोह रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

दिनांक 8 जनवरी
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले

के एक युवा किसान को कर्ज चुकाने के लिए किडनी बेचने पर मजबूर किया गया था, जिसकी शिकायत के बाद जांच के दौरान अवैध किडनी तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है
के एक युवा किसान ने चौंकाने वाला आरोप लगाया था कि साहूकारों ने कर्ज चुकाने के लिए उसे अपनी किडनी बेचने पर मजबूर किया था. इस मामले के बाद राज्य और देश में हलचल मच गई थी. इस गंभीर मामले की जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसमें तमिलनाडु के त्रिची के एक अस्पताल से एक से डेढ़ करोड़ रुपये में किडनी बेची जा रही है. यह जानकारी पुलिस जांच से सामने आई है और सवाल यह उठा है कि क्या इस मामले का नेटवर्क अब पूरे देश में फैल गया है?
इस बीच पता चला है कि किडनी बेचने वाले पीड़ित को सिर्फ 5 से 8 लाख रुपये मिल रहे हैं. भारत में किडनी डोनर रैकेट का पहला किडनी रिसीवर बैंगलोर में मिला है. पुलिस को शक है कि आरोपी डॉक्टर ने हवाला के जरिए करोड़ों रुपये देश से बाहर भेजे. पूरे देश में हलचल मचाने वाले चंद्रपुर किसान किडनी बेची मामले में लोकल क्राइम ब्रांच को काफी जानकारी मिली है और पुलिस अब उसी दिशा में जांच कर रही है. किडनी लेने वाला पहला व्यक्ति पुलिस के सामने पेश हुआ
मिली जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु के त्रिची के स्टार KIMS हॉस्पिटल में सर्जरी से निकाली गई किडनी लेने वाले पहले व्यक्ति की पुलिस ने पहचान कर ली है और उम्मीद है कि वह कुछ दिनों में चंद्रपुर पुलिस के सामने पेश होगा. दिलचस्प बात यह है कि इस व्यक्ति का कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सीधा कनेक्शन माना जा रहा है. पुलिस जांच के दौरान किडनी के शिकार मोहम्मद तारिक खान (36, निवासी लखनऊ), जिसे पुलिस ने उत्तर प्रदेश से पकड़ा था, उनकी किडनी त्रिची में नि

तारिक ने पुलिस को बताया कि सर्जरी डॉ. रवींद्र पाल सिंह और डॉ. राजरत्नम गोविंदसामी ने की थी और पीड़ित ने फोटो देखकर दोनों की पहचान भी कर ली है. डॉ. रवींद्र पाल सिंह की एंटीसिपेटरी बेल पर मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट सेशंस कोर्ट में सुनवाई हो गई और कोर्ट ने अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया रु. संभावना है कि बुधवार को इस मामले पर फैसला आएगा.

जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन बनाई गई टीम
नागभीड़ तालुका के एक युवा किसान रोशन कुडे के कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने का मामला सामने आने के बाद, पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है. यह एक डिस्ट्रिक्ट लेवल की टीम है और एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ईश्वर कटकड़े के नेतृत्व में और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस की देखरेख में काम करेगी. ऑर्गन सेल केस के इंटरनेशनल कनेक्शन को देखते हुए, क्या इसमें कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है? यह टीम मुख्य रूप से इसी की जांच कर रही है

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