कामगारों की आवाजाही, यूरिया प्रोडक्शन, मेडिकल एजुकेशन… रूस-भारत में हुए 7 समझौते
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन
दिनांक/6 दिसंबर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई. इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने प्रवासन, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, शिप बिल्डिंग, केमिकल्स और उर्वरकों सहित सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर सहमति व्यक्त की. ये समझौते दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देंगे.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हो चुकी है. इस वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का आदान-प्रदान किया गया. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत में जिन समझौतों पर सहमति बनी उनमें प्रवासन, हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन खाद्य सुरक्षा, शिप बिल्डिंग, केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स जैसे मुद्दे शामिल हैं.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने रूस के लोगों के लिए एक अहम घोषणा की. पीएम मोदी ने बताया भारत ने रूस के लोगों के लिए फ्री ई-टूरिस्ट की शुरुआत की है. यह ई वीजा 30 दिनों के लिए वैध होगा.
दोनों देशों के बीच जिन समझौतों का आदान प्रदान हुआ उनमें शामिल हैं-
1. सहयोग और प्रवासन पर समझौता
2. अस्थायी श्रम गतिविधियों पर समझौता (टेंपरेरी लेबर एक्टिविटीज)
3. स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल शिक्षा पर समझौता
(स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा पर समझौता)
4. खाद्य सुरक्षा और मानकों पर समझौता
(खाद्य सुरक्षा और मानकों पर समझौता)
5. ध्रुवीय जहाजों पर समझौते (एग्रीमेंट्स ऑन पोलर शिप्स)
6. समुद्री सहयोग पर समझौते (एग्रीमेंट्स ऑन मेरीटाइम कोऑपरेशन
भारत-रूस मिलकर बनाएंगे यूरिया
उर्वरकों पर समझौते के तहत तय हुआ है कि भारत और रूस संयुक्त रूप से यूरिया का उत्पादन करेंगे. भारत रूस से बड़े पैमाने पर यूरिया आयात करता है. इस समझौते से भारत अब रूस के साथ मिलकर यूरिया का उत्पादन भी करेगा.
भारतीय कामगारों के लिए खुशखबरी है प्रवासन पर समझौता
भारत-रूस के बीच कामगारों की आवाजाही को लेकर समझौता विदेश जाकर काम करने की चाह रखने वाले वर्कर्स के लिए खुशखबरी है. इस समझौते के तहत भारत के कामगार व्यवस्थित तरीके से रूस आ-जा सकेंगे और एक बेहतर सैलरी पर काम कर सकेंगे.
कनाडा, ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों में सख्त होते प्रवासन नियमों के बीच यह समझौता राहत देने वाला है.

