विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को एक और झटका; अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी, असली मुद्दा क्या है
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन
दिनांक 30 दिसंबर
निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को एक और बड़ा झटका लगा है। उन पर धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है
उदयपुर की एक अदालत ने 30 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े मामले में उनकी जमानत याचिका एक बार फिर खारिज कर दी है। यह याचिका 24 दिसंबर को खारिज की गई। विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने दूसरी बार जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने जांच की संवेदनशील स्थिति को जमानत याचिका खारिज करने का मुख्य कारण बताया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में और गिरफ्तारियां और पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है।
अदालत ने कहा कि इस मामले में जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच अधिकारी इस मामले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, अनुबंध और धन की आगे जांच कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना जांच में बाधा डाल सकता है। जांच अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में कुछ और लोगों से पूछताछ की जाएगी।
आख़िर मामला क्या है?
इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और छह अन्य लोगों पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
डॉ. मुर्डिया अपनी दिवंगत पत्नी पर एक बायोपिक बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने दिनेश कटारिया से संपर्क किया था। कटारिया के सुझाव पर मुर्डिया 25 अप्रैल 2024 को मुंबई के वृंदावन स्टूडियो गए। वहां कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया। इस मुलाकात के दौरान विक्रम भट्ट ने फिल्म का निर्माण करने का वादा किया और डॉ. मुर्डिया से इसके लिए पैसे भेजने को कहा। साथ ही विक्रम ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी और बेटी इस प्रोजेक्ट में सहयोगी के रूप में काम करेंगी। लेकिन बाद में पता चला कि यह पूरा मामला धोखाधड़ी का था और इसके लिए डॉ. मुर्डिया से करोड़ों रुपये ठगे गए थे।
विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को 7 दिसंबर को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। राजस्थान पुलिस से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद, दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर की एक अदालत में पेश किया गया। इसके बाद, दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले पर विक्रम या उनकी पत्नी श्वेतांबरी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

