किडनी कांड: पुलिस को भनक तक नहीं लगी, आरोपी डॉक्टर ने कोर्ट से ले ली जमानत ! कल होगई सुनवाई
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन
दिनांक 4 जनवरी 2026
Chandrapur kidney racket: किडनी तस्करी
कांड के आरोपी डॉ. रवींद्रपाल सिंह को चंद्रपुर कोर्ट से मिली एक दिन की राहत। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और पुलिस की चूक पर उठे सवाल।
देशभर में सनसनी मचाने वाले किडनी कांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। रामकृष्ण सुंचू और हिमांशु भारद्वाज की जांच में जिन दो प्रमुख डॉक्टरों के नाम उजागर हुए थे, उनमें से एक आरोपी डॉ. रर्व सिंह को दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार 2 जनवरी को चंद्रपुर सत्र न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए थे।
लेकिन इससे एक दिन पहले ही गुरुवार को डॉ.
रवींद्रपाल सिंह अपने वकील के साथ शाम करीब 5.30
देशभर में सनसनी मचाने वाले किडनी कांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। रामकृष्ण सुंचू और हिमांशु भारद्वाज की जांच में जिन दो प्रमुख डॉक्टरों के नाम उजागर हुए थे, उनमें से एक आरोपी डॉ. रवींद्रपाल सिंह को दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार 2 जनवरी को चंद्रपुर सत्र न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए थे।
लेकिन इससे एक दिन पहले ही गुरुवार को डॉ.
रवींद्रपाल सिंह अपने वकील के साथ शाम करीब 5.30 बजे चंद्रपुर सत्र न्यायालय में अचानक पेश हो गए। आरोपी डॉक्टर ने कोर्ट में याचिका दायर कर दलील दी कि उन्हें अस्पताल में ऑपरेशन सहित कई गंभीर मरीजों का इलाज करना है, इसलिए उन्हें एक दिन की अंतरिम जमानत दी जाए।
कोर्ट ने दलीलों को किया स्वीकार
कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए दलीलों को स्वीकार किया और एक दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। अब 3 जनवरी डॉ. रवींद्रपाल सिंह वास्तव में कोर्ट में पेश होते हैं या नहीं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस मामले में एक और सनसनीखेज मोड़ तब सामने आया जब तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी दूसरे आरोपी डॉक्टर राजरत्नम गोविंदस्वामी ने चेन्नई हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की।
इस संबंध में आरोपी के वकील की ओर से स्थानीय पुलिस को पत्र भी प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि आरोपी डॉ. रवींद्रपाल सिंह को 29 दिसंबर को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। खराब मौसम के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका जिससे उन्हें तय समय में चंद्रपुर नहीं लाया जा सका।
इसके चलते उन्हें दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस ने रामकृष्ण सुंचू और हिमांशु भारद्वाज से मिली जानकारी के आधार पर दोनों डॉक्टरों की पहचान की थी। फिलहाल दोनों के किडनी कांड से जुड़े रोल को लेकर पुलिस गहन जांच कर रही है पुलिस को नहीं लगी भनक
खास बात यह रही कि किडनी बिक्री कांड की जांच चंद्रपुर पुलिस द्वारा की जा रही है, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी कि आरोपी डॉक्टर शुक्रवार की बजाय गुरुवार को ही कोर्ट में पेश हो चुके हैं और उन्हें एक दिन की अंतरिम जमानत भी मिल गई है। इसे पुलिस के खुफिया तंत्र की बड़ी चूक माना जा रहा है, जिसको लेकर शहर में सवाल उठने लगे हैं।
कंबोडिया कनेक्शन भी गहराया
देश में किडनी कांड का खुलासा तब हुआ जब नागभीड़ तहसील निवासी रोशन कुले द्वारा कंबोडिया में अपनी किडनी बेचे जाने की बात सामने आई। जांच में यह भी जानकारी मिली है कि कंबोडिया तीन और लोगों ने अपनी किडनी बेची है। हालांकि, उन तीन लोगों तक अब तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका और गहराती जा रही है।

