Saturday, April 18, 2026
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9 मार्च 2026 चंद्रपुर मुख्य 4 खबर सावधान ! कभी भी फट सकती है घोड़ाझरी की नहर, क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का कर रहा है इंतजार? रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

9 मार्च 2026 चंद्रपुर मुख्य 4 खबर सावधान ! कभी भी फट सकती है घोड़ाझरी की नहर, क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का कर रहा है इंतजार? रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

1) 1905 में
बना घोड़ाझरी प्रोजेक्ट दम तोड़ रहा है। टूटी नहरें और सिंचाई विभाग की लापरवाही से चंद्रपुर के किसानों की खेती खतरे में है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
साल 1905 में ब्रिटिश सरकार ने किसानों के लिए हरित क्रांति लाने नागभीड़ तहसील के घोड़ाझरी गांव के पास एक प्रोजेक्ट बनाया था। सिंचाई की सुविधा के लिए गोविंदपुर और गड़बोरी वितरण लाइनें बनाई गई। नागभीड़ में गोविंदपुर वितरिका से दो हज़ार हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन की सिंचाई होती थी, जबकि सिंदेवाही में गडबोरी वितरिका से हज़ारों हेक्टेयर ज़मीन सिंचाई के काम आती है। लेकिन इस वितरिका की कई सालों तक सफ़ाई नहीं हुई है।
आज़ादी के
बाद से चंद्रपुर ज़िले के नागभीड़ और सिंदेवाही तहसील में कोई सिंचाई प्रोजेक्ट नहीं बना है। लेकिन घोड़ाझरी प्रोजेक्ट, जो ब्रिटिश राज में 1905 में नागभीड़ तहसील में बना था और जिसकी सिंचाई क्षमता 5 हज़ार हेक्टेयर से ज़्यादा खेती की ज़मीन पर थी, अब खत्म होने की कगार पर है।
सिंचाई के लिए बनी नहरें अब पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं और नहरों पर बने पुल भी खराब हालत में हैं। इसलिए इस प्रोजेक्ट के पानी पर निर्भर किसान परेशान हैं। अब सिंचाई की व्यवस्था कैसी करें? ऐसा सवाल किसानों को सता रहा है।

 

2) 198 परिवारों की चीखें हैं ये ! इंसान और बाघ की जंग में फेल हुआ प्रशासन; कब लागू होगी एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट ?
बाघ ने कीया शीकार चंद्रपुर में 5
साल में 198 मौतें! बाघ-मानव संघर्ष रोकने में सरकार नाकाम। बंडू धोतरे का आंदोलन, 2021 की एक्सपर्ट कमेटी रिपोर्ट लागू करने की मांग।
चंद्रपुर जिले में मानव एवं वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाओं में पिछले कुछ वर्षों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 5 वर्ष में जिले में वन्यजीवों के हमलों में 198 लोगों की मौत हुई है, बावजूद इसके उक्त घटनाओं को रोकने के लिए गठित मानव – वन्यजीव संघर्ष तकनीकी अध्ययन समिति की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने अभी तक अमल नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि, जिले में मानव – वन्यजीवों खासकर बाघों के बीच हो रहे संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों पर तत्काल अमल करने की मांग को लेकर पर्यावरणवादी बंडू धोतरे ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष यहां तीन दिनों से अन्नत्याग आंदोलन शुरू किया है। धोतरे का आरोप है कि, उक्त समिति की रिपोर्ट सरकार को पेश किए 5 वर्ष से अधिक का समय हुआ है किंतु समिति की सिफारिशों की ओर सरकार विशेषतः वन विभाग नजरअंदाज कर रहा है।

 

3) महिला पुलिसकर्मियों का सम्मानः अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर चिमूर पुलिस स्टेशन में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पुलिस निरीक्षक दिनेश लबड़े द्वारा कर्तव्यनिष्ठ महिला पुलिसकर्मियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की गई

 

4) 8 मार्च, 2026 को चंद्रपुर, मौजा दाताढा ग्राम पंचायत में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। ये कार्यक्रम बड़े उत्साह से मनाया गया अध्यक्षता दाताढा ग्राम पंचायत की , सरपंच सुनीता हेमचंद देशकर ने की। मुख्य अतिथि उपसरपंच विजयलक्ष्मी नायर और ग्राम पंचायत की सभी महिला सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य मधुकर हिवार्कर और ग्राम पंचायत कर्मचारी थे। कार्यक्रम का संचालन और परिचय ग्राम पंचायत अधिकारी विलास चव्हाण ने , और प्रतिभाताई काले और करण नायर ने दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक नृत्यों और मसाला चावल का वितरण के साथ हुआ और नारी शक्ति की विजय के नारे लगाते हुए इस उत्सव को मनाया गया

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