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अभी अभी ताजा खबर मिली है होर्मुज से ‘नंदा देवी’ जहाज भी भारत लौटा, लाया 47 हजार मीट्रिक टन LPG(रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

अभी अभी ताजा खबर मिली है होर्मुज से ‘नंदा देवी’ जहाज भी भारत लौटा, लाया 47 हजार मीट्रिक टन LPG(रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

दिनांक 17 मार्च
सोमवार को LPG टैंकर ‘शिवालिक’ गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर पहुंचा था.
होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से शिवालिक के बाद, एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’ भारत आ चुका है. ‘नंदा देवी’ होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करते हुए वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है. यह जहाज अपने साथ 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंच चुका है. मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यह दूसरा जहाज़ है
एक दिन पहले, दूसरा LPG टैंकर ‘शिवालिक’ गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा LPG लेकर पहुंचा था. इसमें इतनी LPG थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी.
अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज़ भारत की कुल LPG आयात की ज़रूरत का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है.
मंत्रालय ने क्या बताया था?
शनिवार को जहाज़रानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी के क्रमशः 16 मार्च और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है.
सिन्हा ने कहा था, “फ़ारसी खाड़ी इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. फ़ारसी खाड़ी में 24 डीभारतीय ध्वज वाले जहाज़ मौजूद थे. इनमें से दो जहाज़ – शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से गुज़र गए और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं.
नंदा देवी के गुजरात बंदरगाह पर पहुंचने के बाद 24 हजार मीट्रिक टन LPG तमिलनाडु भेजी जाएगी.
LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद
दो जहाज़ों के आने से भारत की LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद है, जिससे कमी के व्यापक डर को दूर किया जा सकेगा. फ़िलहाल, कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि छोटे कारोबारी (होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे दुकानें चलाने वाले) इस बात से चिंतित हैं कि इस कमी की वजह से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है.

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