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बाघिन की मौत का गहराया रहस्य, वनरक्षक पर हमले के बाद धान के खेत में मिला बाघिन का शव रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

बाघिन की मौत का गहराया रहस्य, वनरक्षक पर हमले के बाद धान के खेत में मिला बाघिन का शव रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम आजतकन्युज18.इन

दिनांक 27 अप्रैल 2026
चंद्रपुर के सिंदेवाही में
एक बाघिन ने वनरक्षक सज्जन पारेकर पर हमला किया और एक घंटे बाद वह मृत मिली। शावक लापता हैं और वन विभाग मौत के रहस्य की जांच कर रहा है।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही तहसील अंतर्गत रत्नापुर क्षेत्र में रविवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों को सकते में डाल दिया है। एक ओर जहां बाघिन के हमले में एक वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं दूसरी ओर हमले के ठीक एक घंटे बाद उसी बाघिन का शव खेत में मिलने से हड़कंप मच गया है।
खेत में दिखी थी बाघिन और शावक
घटना की शुरुआत रविवार सुबह हुई जब रत्नापुर के किसान मंगेश तोंडफोड़े अपने खेत की निगरानी करने गए थे। उन्हें मक्के के खेत में एक बैल मृत अवस्था में मिला, जिससे उन्हें बाघ के होने का संदेह हुआ। करीब से जांच करने पर उन्हें मक्के की फसल के बीच एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। किसान ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और ग्रामीणों को दी।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों की भीड़ और शोरगुल के कारण बाघिन परेशान हो गई और अपने शावकों की सुरक्षा को लेकर आक्रामक हो गई। अफरा-तफरी के इस माहौल में बाघिन के तीनों शावक अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। खुद को अकेला पाकर और शावकों से बिछड़कर बाघिन और अधिक भड़क उठी।
वनरक्षक पर हमला और मौत का रहस्य
इसी अफरा-तफरी के बीच नाचनभट्टी के वनरक्षक सज्जन पारेकर बाघिन को खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी बाघिन ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में पारेकर के हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए चंद्रपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। हैरानी की बात यह रही कि इस हमले के ठीक एक घंटे बाद, वह बाघिन पास ही के दामोदर लोधे के धान के खेत में मृत पाई गई। वन अधिकारियों के लिए यह गुत्थी अनसुलझी है कि जो बाघिन एक घंटे पहले पूरी तरह सक्रिय और आक्रामक थी, उसकी अचानक मौत कैसे हो गई?
शावकों की तलाश और पोस्टमार्टम का इंतजार
सिंदेवाही की वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) अंजलि सायकार ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष है। बाघिन की मौत का सही कारण शवविच्छेदन (Post-mortem) रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, वन विभाग की टीमें लापता हुए तीनों शावकों की तलाश में जुटी हैं, क्योंकि मां के बिना छोटे शावकों का जंगल में सुरक्षित रहना मुश्किल है।

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